Hindu Calendar, Festivals and Muhurat Date Time for the world

Hindu Calendar, Festivals and Muhurat Date Time for the world

Hindu Calendar and Online Panchang, Hindu Muhurat, Vrat and Pooja Dates, Festivals Information.

2024 प्रदोष व्रत पूजा तारीख व समय, 2024 प्रदोष व्रत त्यौहार समय सूची व कैलेंडर

2024 प्रदोष व्रत पूजा तारीख व समय, 2024 प्रदोष व्रत त्यौहार समय सूची व कैलेंडर
2024 प्रदोष व्रत पूजा तारीख व समय, 2024 प्रदोष व्रत त्यौहार समय सूची व कैलेंडर

प्रदोष व्रत में भगवान शिव की उपासना की जाती है | यह व्रत हिंदू धर्म के सबसे शुभ व महत्वपूर्ण व्रतों में से एक है | हिंदू चंद्र कैलेंडर के अनुसार प्रदोष व्रत चंद्र मास के 13 वें दिन (त्रयोदशी) पर रखा जाता है | हर महीने की दोनों पक्षों की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत रखा जाता है। अलग-अलग दिन पड़ने वाले प्रदोष की महिमा अलग-अलग होती है। सोमवार का प्रदोष, मंगलवार को आने वाला प्रदोष और अन्य वार को आने वाला प्रदोष सभी का महत्व और लाभ अलग अलग है।

प्रदोष व्रत पूजा 2024 के तारीख व कैलेंडर:

त्यौहार के नाम दिन त्यौहार के तारीख
प्रदोष व्रत मंगलवार 9 जनवरी 2024
प्रदोष व्रत मंगलवार 23 जनवरी 2024
प्रदोष व्रत बुधवार 7 फरवरी 2024
प्रदोष व्रत बुधवार 21 फरवरी 2024
प्रदोष व्रत शुक्रवार 8 मार्च 2024
प्रदोष व्रत शुक्रवार 22 मार्च 2024
प्रदोष व्रत शनिवार 6 अप्रैल 2024
प्रदोष व्रत रविवार 21 अप्रैल 2024
प्रदोष व्रत रविवार 5 मई 2024
प्रदोष व्रत सोमवार 20 मई 2024
प्रदोष व्रत मंगलवार 4 जून 2024
प्रदोष व्रत बुधवार 19 जून 2024
प्रदोष व्रत बुधवार 3 जुलाई 2024
प्रदोष व्रत शुक्रवार 19 जुलाई 2024
प्रदोष व्रत गुरूवार 1 अगस्त 2024
प्रदोष व्रत शनिवार 17 अगस्त 2024
प्रदोष व्रत शनिवार 31 अगस्त 2024
प्रदोष व्रत रविवार 15 सितंबर 2024
प्रदोष व्रत रविवार 29 सितंबर 2024
प्रदोष व्रत मंगलवार 15 अक्टूबर 2024
प्रदोष व्रत मंगलवार 29 अक्टूबर 2024
प्रदोष व्रत बुधवार 13 नवंबर 2024
प्रदोष व्रत गुरूवार 28 नवंबर 2024
प्रदोष व्रत शुक्रवार 13 दिसंबर 2024
प्रदोष व्रत शनिवार 28 दिसंबर 2024

प्रमोशम के दिन सूर्योदय और सूर्यास्त से पहले के समय को शुभ माना जाता है। इस समय के दौरान ही सभी सारी पूजा पाठ किये जाते है। इस व्रत को वार के अनुसार करने से ज्‍यादा लाभ मिलता है। जिस वार को यह व्रत पड़ता है उसी अनुसार कथा पढ़ने से फल भी प्राप्‍त होते हैं। हिन्दू कैलेंडर के अनुसार शिव जी की पूजा का सही समय शाम का है, जब मंदिरों में प्रदोषम मंत्र का जाप किया जाता है। यदि प्रदोष व्रत शनिवार को पड़ रहा है तो इस व्रत को करने से पुत्र की प्राप्‍ती होगी।  यदि व्‍यक्‍ति को सभी प्रकार की पूजा पाठ और व्रत करने के बाद भी सुख शांति और खुशी नहीं मिल पा रही है तो उस व्‍यक्‍ति को हर माह पड़ने वाले प्रदोष व्रत पर जप, दान, व्रत आदि करने से पूरा फल मिलता है।

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